लद्दाख की स्वतंत्रता एवं केंद्र शासित प्रदेश बन जाने के पश्चात् छठी अनुसूची की मांग

Authors

  • शुभी शुक्ला सहायक प्राध्यापक - राजनीति विज्ञान विभाग मदनमोहन मालवीय स्नाकोत्तर महाविद्यालय कालाकांकर प्रतापगढ़ Author

DOI:

https://doi.org/10.68677/amij.v1i2.05

Keywords:

हम इस शोध पत्र के अंतर्गत निम्नलिखित महत्वपूर्ण शब्दों को देखेंगे – क्षत्रीय स्वायत्तता, संघवाद, छठी अनुसूची, जनजातियों एवं उनकी संस्कृतिक, प्रशासनिक व्यवस्था, राष्ट्रीय एकता, लोकतंत्र ।

Abstract

लद्दाख की स्वतंत्रता के पश्चात् लद्दाख के स्थानीय जनजातियों ने छठी अनुसूची की मांग जो वर्तमान भारतीय राजनीति तथा संविधान की दृष्टिकोण से अत्यंत महत्त्वपूर्ण प्रश्न है। वर्ष 2019 में लद्दाख को जम्मू एवं कश्मीर राज्य से अलग कर एक केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया जिसके पश्चात् क्षेत्र में संविधान के छठी अनुसूची के अंतर्गत विशेष स्वतंत्रता की मांग उठी जो वर्तमान राजनीति के विचार विमर्श का केंद्र बन चुका है। लद्दाख के क्षेत्रीय जनजातियों की मांग है कि छठी अनुसूची द्वारा उनकी संस्कृतिक पहचान जनजातीय अधिकार और भूमि एवं प्रकृति की सुरक्षा हो सकती है। परन्तु यहां सवाल मात्र उनकी संस्कृतिक पहचान की नहीं बल्कि राष्ट्रीय एकता केंद्र राज्य संबंध तथा लोकतांत्रिक संतुलन जुडी है अतः यह शोध पत्र इस प्रश्न के अध्ययन पर बल देगा कि क्या लद्दाख को छठी अनुसूची में रखना भारतीय संघवाद और भारतीय एकता के दृष्टिकोण से उचित होगा? इस शोध पत्र के अंतर्गत हम लद्दाख की प्रशासनिक पृष्ठभूमि, छठी अनुसूची की मांग का वास्तविक कारण राष्ट्रीय एकता और क्षत्रीय स्वायत्तता के मध्य

संतुलन का अध्ययन करेंगे।  अध्ययन का निष्कर्ष है कि लद्दाख में छठी अनुसूची की मांग को केवल प्रशासनिक अधिकारों की मांग के रूप में नहीं, बल्कि स्थानीय पहचान, लोकतांत्रिक भागीदारी, भूमि एवं संसाधनों की सुरक्षा तथा क्षेत्रीय आकांक्षाओं की व्यापक अभिव्यक्ति के रूप में समझना चाहिए। इसका समाधान व्यापक परामर्श, स्थानीय समुदायों की प्रभावी भागीदारी और केंद्र तथा स्थानीय संस्थाओं के बीच स्पष्ट अधिकार-विभाजन के आधार पर किया जाना अधिक उपयुक्त होगा। ऐसी संतुलित व्यवस्था लद्दाख की विशिष्ट पहचान और स्थानीय हितों की रक्षा करते हुए राष्ट्रीय एकता एवं सुरक्षा को भी सुदृढ़ कर सकती है।

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Published

2026-09-30

How to Cite

लद्दाख की स्वतंत्रता एवं केंद्र शासित प्रदेश बन जाने के पश्चात् छठी अनुसूची की मांग. (2026). The Academic Matrix International Journal, 1(2), 26-33. https://doi.org/10.68677/amij.v1i2.05